|
回复:终于打开了这个最美的世界 反复地听着,看着,舍不得离开……整整一个下午,我就这样沉溺其中,任由这清亮而凄清的音画席卷了自己。 不记得是从什么时候开始,大概那时的我还是一个充满了憧憬的少女吧,就喜欢上了这曲子,直至今日,仍然深深地爱着,难以自拔,也不想割舍。 每一次,只要听见这歌声,就感觉自己的心一片澄静,仿佛脱去了尘世的外衣,赤足走在那荒漠,风吹乱了长发,而我已迷醉在那最后的一抹夕阳里。我忘了来时的路,我不知道前方会有怎样的风景。可这一切,都不能阻挡我的前行,因为我注定了是一个流浪者。我的快乐,就在路上…… 没有行囊,不需要和谁告别,我只行走在自己的路上。鸟儿会陪我飞一段,溪流会洗濯我满身的尘埃。举头是梦,俯首是想。沙漠的怀抱是我最宁静的港湾,在这里洗尽铅华,还自己一个真实的心灵,留自己一个执着的向往。 不要问我从哪里来,不要问我为什么流浪。心中那缓缓盛开的莲,只有自己能听见它绽放的声息。也许就是为了给它找一片栖息之地,也许就是为了让自己可以静静聆听这花开的声音,我只有流浪。 在万丈黄沙中,坦然地脱下所有的衣物,请容许我把赤裸的自己交付给天地,请容许我悄然躺在沙漠的怀抱,让我焦渴的身躯有所依靠,让我飞扬的心灵得以寄托。 月升起,日沉去,夜凉如水。就这样躺在慢慢变冷的沙漠,阖了双眼,安静地死去………… ※※※※※※
|
| 一剑倚天寒 | 354 | 11-02 16:50 | ||
|---|---|---|---|---|---|
| 单纯女人 | 81 | 05-04 12:10 | ||
| 忍剪凌云 | 78 | 05-04 12:13 | ||
| 单纯女人 | 68 | 05-04 12:16 | ||
| 回复:都是的:)))[5楼] | 忍剪凌云 | 69 | 05-04 12:17 | |
| 单纯女人 | 57 | 05-04 12:24 | ||
| 忍剪凌云 | 69 | 05-04 12:25 | ||
| 黑曜崖蝴蝶 | 56 | 05-04 12:26 | ||
| 回复:我晕![9楼] | 单纯女人 | 73 | 05-04 12:27 | |
| 回复:狂倒----------[10楼] | 黑曜崖蝴蝶 | 61 | 05-04 12:28 | |
| 回复:呵呵-------都别争了----[11楼] | 黑曜崖蝴蝶 | 78 | 05-04 12:29 | |
| 回复:我不争——————————[12楼] | 忍剪凌云 | 67 | 05-04 12:34 | |
| 回复:知道![13楼] | 单纯女人 | 103 | 05-04 12:35 | |
| 回复:一哄哄俩,不得了啦[14楼] | 单纯女人 | 89 | 05-04 13:06 | |
| 有现成的:《齐豫--橄榄树》[15楼] | 一剑倚天寒 | 77 | 05-04 13:14 | |
| 单纯女人 | 66 | 05-04 13:52 | ||
| 忍剪凌云 | 101 | 05-04 14:19 | ||
| 一剑倚天寒 | 64 | 05-04 14:48 | ||
| 回复:笑得我出了眼泪![19楼] | 单纯女人 | 58 | 05-04 15:03 | |
| 回复:乱套了、乱套了~~~~~~~~[20楼] | 清风笑烟雨 | 61 | 05-04 15:54 | |
| 回复:你身边[21楼] | 一剑倚天寒 | 80 | 05-04 16:14 | |
| 回复:不管有谁[22楼] | 单纯女人 | 61 | 05-04 17:37 | |
| 回复:终于打开了这个最美的世界[23楼] | 忍剪凌云 | 100 | 05-04 18:20 | |